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पवित्र गाय, त्याज्य लोग !

..बुलंदशहर की घटनाएं इस बात की ताईद करती हैं कि  हिंदुत्व वर्चस्ववाद का यह नज़रिया जिसमें मानवीय जीवन के प्रति गहरी असम्वेदनशीलता और असम्पृक्तता  टपकती है और जो एक चतुष्पाद को पूजनीय बनाती है, आज उरूज पर है।..

( Photo Courtesy : indianculturalforum.in)

कभी कभी एक अदद वक्तव्य किसी नेता की एकमात्र निशानी बन कर रह जाती है। विश्व हिन्दू परिषद के नेता गिरिराज किशोर इसका क्लासिकीय उदाहरण कहे जा सकते हैं जिनका नाम लेने पर अक्सर उनका विवादित वक्तव्य ही लोगों की जुबां पर आ जाता है। याद है कि उन्होंने कहा था कि ‘‘पुराणों में गाय को मनुष्य से अधिक पवित्रा समझा गया है।’’

वह अवसर बेहद शोकाकुल करनेवाला था, जब उनका वह वक्तव्य आया था। दिल्ली से बमुश्किल पचास किलोमीटर दूर दुलीना नामक स्थान पर पांच दलितों की भीड़ द्वारा पीट पीट कर हत्या कर दी गयी थी Continue reading पवित्र गाय, त्याज्य लोग !

पवित्र किताब की छाया में आकार लेता जनतंत्र

भारतीय लोकतंत्र: दशा और दिशा को लेकर चन्द बातें

Never Be Deceived That the Rich Will Permit You To Vote Away Their Wealth
– Lucy Parsons

 

..लोग सोच रहे हैं कि आखिर जनतंत्र हर ओर दक्षिणपंथी हवाओें के लिए रास्ता सुगम कैसे कर रहा है, अगर वह ‘युनाईटेड किंगडम इंडिपेण्डस पार्टी’ के नाम से ब्रिटन में मौजूद है तो मरीन ला पेन के तौर पर फ्रांस में अस्तित्व में है तो नोर्बर्ट होफेर और फ्रीडम पार्टी के नाम से आस्टिया में सक्रिय है तो अमेरिका में उसे डोनाल्ड ट्रम्प के नाम से पहचाना जा रहा है। वैसे इन दिनों सबसे अधिक सूर्खियों में ब्रिटेन है, जिसने पश्चिमी जनतंत्र के संकट को उजागर किया है।

ब्रिटेन को यूरोपीयन यूनियन का हिस्सा बने रहना चाहिए या नहीं इसे लेकर जो जनमतसंग्रह हुआ, जिसमें सभी यही कयास लगा रहे थे कि ब्रिटेन को ‘अलग हो जाना चाहिए’ ऐसा माननेवालों को शिकस्त मिलेगी, मगर उसमें उलटफेर दिखाई दिया है; वही लोग जीत गए हैं। और इस बात को नहीं भुला जा सकता कि जो कुछ हो हुआ है उसमें प्रक्रिया के तौर पर गैरजनतांत्रिक कुछ भी नहीं है। दक्षिणपंथ के झण्डाबरदारों ने ऐसे चुनावों में लोगों को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित किया है, जो पारदर्शी थे, जिनके संचालन पर कोई सवाल नहीं उठे हैं।

( For full text of the article click here : https://sabrangindia.in/article/pvitra-kitab-ki-chaaya-mein-aakar-leta-hai-jantanta)